माँ चंद्रघंटा की कृपा
नवरात्रि के इस शुभ अवसर पर चढ़ावा करने से जीवन के विघ्न दूर होते हैं और कार्यों में सफलता मिलती है।
नवरात्रि दिन 3 · 13 अक्टूबर
सभी नौ दिन देखेंसदैव पूजा परिवार द्वारा इस पावन नवरात्रि पर, विधि-विधान और श्रद्धा के साथ माँ चंद्रघंटा की विशेष पूजा की जा रही है। हमारे पंडित जी वेद-मंत्रोच्चार के साथ संपूर्ण पूजा-विधि का पालन करते हुए यह अनुष्ठान संपन्न करते हैं, ताकि हर भक्त को पूर्ण फल की प्राप्ति हो। आप भी ₹21, ₹51 या ₹101 का चढ़ावा अपनी श्रद्धा अनुसार अर्पित करके इस पूजा से जुड़ सकते हैं, चाहे आप कहीं भी हों। दूरी अब कोई बाधा नहीं, आपकी श्रद्धा और भक्ति ही सबसे महत्वपूर्ण है।
आपके द्वारा दिया गया यह चढ़ावा, पंडित जी द्वारा आपके नाम और गोत्र का संकल्प लेकर, माँ चंद्रघंटा को अर्पित किया जाएगा, लाल चुनरी, कुमकुम-रोली, पुष्प माला और अन्य पूजा सामग्री के रूप में, आपकी ओर से, आपकी मंगल कामना के साथ। यह चढ़ावा केवल एक दान नहीं, बल्कि आपकी आस्था और माँ चंद्रघंटा के प्रति आपके समर्पण का प्रतीक है।
नवरात्रि में माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना की जाती है, और हर दिन की अपनी विशेष महिमा मानी गई है। शांति और साहस के इस दिन माँ चंद्रघंटा को अर्पित किया गया चढ़ावा भक्त की श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक होता है।
मान्यता है कि श्रद्धा से किया गया चढ़ावा जीवन के विघ्न दूर करता है, कार्यों में सफलता लाता है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि व मनोकामना-सिद्धि का मार्ग खोलता है। इसीलिए चढ़ावा को दूर बैठकर भी माँ से जुड़ने का सबसे सरल और श्रद्धापूर्ण माध्यम माना जाता है।

₹51
चढ़ावा · दिन 3 · माँ चंद्रघंटा
चढ़ावा का सीधा अर्थ है, भगवान को श्रद्धा और भक्ति-भाव से अर्पित की गई भेंट। सनातन परंपरा में जब कोई भक्त किसी कारणवश पूजा स्थल पर स्वयं उपस्थित नहीं हो पाता, तब वह पंडित जी के माध्यम से अपना नाम और गोत्र बताकर चढ़ावा अर्पित करता है। पंडित जी विधि-विधान से पूजा के दौरान उस भक्त के नाम का संकल्प लेते हैं, जिससे पूजा का पुण्य फल सीधे उसी भक्त और उसके परिवार को प्राप्त होता है, मानो वह स्वयं वहाँ बैठकर पूजा कर रहा हो।
माँ चंद्रघंटा के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है। इनकी कृपा से भय दूर होता है और मन को शांति मिलती है। नवरात्रि में माँ चंद्रघंटा को अर्पित चढ़ावे का महत्व और भी विशेष माना जाता है। चढ़ावे की राशि से अधिक महत्व आपकी श्रद्धा का है, इसीलिए आप ₹21, ₹51 या ₹101 में से जो भी चुनें, संकल्प आपके नाम से पूरे विधि-विधान से ही लिया जाता है।
ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः
यह पूजा सामग्री माँ चंद्रघंटा को आपके नाम से अर्पित की जाती है।

लाल चुनरी

कुमकुम-रोली

पुष्प माला

धूप-दीप

दूध की खीर
नवरात्रि के इस शुभ अवसर पर चढ़ावा करने से जीवन के विघ्न दूर होते हैं और कार्यों में सफलता मिलती है।
श्रद्धा से किया गया चढ़ावा आपकी मनोकामनाओं की पूर्ति और परिवार में सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है।
पंडित जी द्वारा आपका नाम और गोत्र लेकर संकल्प किया जाएगा, ताकि पूजा का फल सीधे आपको प्राप्त हो।
भले ही आप पूजा स्थल पर उपस्थित न हो पाएं, आपका चढ़ावा आपकी ओर से विधि-विधान से अर्पित किया जाएगा।
₹21, ₹51 या ₹101 में से अपनी श्रद्धा अनुसार चढ़ावा चुनें, फिर नाम, मोबाइल और मनोकामना दर्ज करें। केवल 30 सेकंड।
Razorpay के माध्यम से अपना चुना हुआ चढ़ावा तुरंत और सुरक्षित जमा करें।
आपके नाम-गोत्र का संकल्प लेकर चढ़ावा माँ को अर्पित किया जाएगा और पूजा का वीडियो WhatsApp पर भेजा जाएगा।
इस शुभ अवसर पर माँ चंद्रघंटा का आशीर्वाद प्राप्त करें, अपनी ओर से चढ़ावा अर्पित करें और इस पुण्य कार्य में सहभागी बनें। 🙏
₹51 में चढ़ावा अर्पित करें